Tallest Building : गुरुग्राम में बनाई जाएगी भारत की ‘Burj Khalifa’, टॉप फ्लोर से दिखेगा पूरा Delhi NCR

हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway ) के पास विकसित हो रही Global City में देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का सैद्धांतिक फैसला लिया है ।

Tallest Building : दुनियाभर में साइबर सिटी के नाम से मशहूर शहर अब भारत में सबसे ऊंची ईमारत के नाम से भी जाना जाएगा । सरकार प्लानिंग कर रही है कि गुरुग्राम में भारत की ‘Burj Khalifa’ जैसी सबसे ऊंची ईमारत बनाई जाए । इसके लिए सरकार ने योजना पर काम करना शुरु कर दिया है ।

हरियाणा का गुरुग्राम अब न केवल भारत का ‘मिलेनियम सिटी’ रहेगा, बल्कि यह दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की फेहरिस्त में शामिल होने जा रहा है जो अपनी गगनचुंबी इमारतों (Skyscrapers) के लिए जाने जाते हैं । हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम (Gurugram) के द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway ) के पास विकसित हो रही Global City में देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का सैद्धांतिक फैसला लिया है ।

एडवाइजर की तलाश

यह इमारत गुरुग्राम को दुनिया के उन चुनिंदा महानगरों की कतार में खड़ा कर देगी, जिनकी पहचान उनकी ऊंची इमारतों से होती है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार अब इस प्रोजेक्ट के लिए एडवाइजर की तलाश कर रही है। विदेशी कंपनियों और अंतर्राष्ट्रीय कंसल्टैंट्स की मदद से इस कॉन्सैप्ट को सिरे चढ़ाया जाएगा, ताकि डिजाइन, तकनीक और सुरक्षा, तीनों स्तरों पर यह इमारत वैश्विक मानकों पर खरी उतर सके।

सभी मानक पूरा करेगी ईमारत

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि ग्लोबल सिटी हरियाणा के औद्योगिक और शहरी विकास का भविष्य है। देश की सबसे ऊंची इमारत का प्रस्ताव गुरुग्राम को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारा उद्देश्य केवल ऊंची इमारत बनाना नहीं, बल्कि ऐसा आइकॉनिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना है जो निवेश, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा दे। सभी तकनीकी, पर्यावरणीय और एविएशन मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

1003 एकड़ में फैलेगी ‘Global City’

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 1003 एकड़ भूमि पर ‘ग्लोबल सिटी’ प्रोजेक्ट को आकार दिया जा रहा है । इसी प्रोजेक्ट के केंद्र में भारत की सबसे ऊंची आइकॉनिक बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव है । हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार, इस इमारत का उद्देश्य गुरुग्राम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना और निवेश व पर्यटन को बढ़ावा देना है ।

कैसी होगी यह गगनचुंबी इमारत? (Tallest Building)

यह सिर्फ एक ऊंची इमारत नहीं होगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं का एक बड़ा केंद्र होगी। प्रस्तावित योजना के अनुसार इसमें कई तरह की सुविधाएं होंगी :-

ऑब्जर्वेशन डेक और स्काई व्यू गैलरी : इस ईमारत की ऊंचाई इतनी होगी कि इसके टॉप पर खड़े होकर पूरे Delhi NCR को आंखों से ही देखा जा सकेगा ।

मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट : ये बिल्डिंग केवल ऊंचाई में ही सबसे बड़ी नहीं होगी बल्कि इसमें लग्जरी होटल, कॉर्पोरेट ऑफिस, रेजिडेंशियल यूनिट्स और हाई-एंड रिटेल स्टोर भी होंगे ।

कन्वेंशन सेंटर : अंतरराष्ट्रीय स्तर की मीटिंग्स और आयोजनों के लिए अत्याधुनिक सेंटर।

ग्लोबल स्टैंडर्ड : सरकार इसके डिजाइन और तकनीकी पहलुओं के लिए अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंट्स और विशेषज्ञों की सलाह लेगी।

एयरपोर्ट बनेगा ‘राह का रोड़ा’

इस प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसकी लोकेशन है । प्रस्तावित साइट इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के करीब है । इतनी ऊंची इमारत के लिए DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और हवाई अड्डा प्राधिकरण (AAI) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा । एविएशन सेफ्टी और एयर ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए ही इसकी अंतिम ऊंचाई तय की जाएगी।

दुनिया की सबसे ऊंची ईमारतें

बुर्ज खलीफा (Burj Khalifa): दुबई, यूएई – 828 मीटर (दुनिया की सबसे ऊंची)।

शंघाई टॉवर (Shanghai Tower) : चीन – 632 मीटर।

मक्का क्लॉक रॉयल टॉवर : सऊदी अरब – 601 मीटर।

पिंग एन इंटरनेशनल फाइनेंस सेंटर : चीन – 599 मीटर।

लौट्टे वर्ल्ड टॉवर : दक्षिण कोरिया – 555 मीटर।

भारत की वर्तमान सबसे ऊंची ईमारतें (Tallest Building)

मुंबई की ‘वर्ल्ड वन’ (World One) इमारत भी लगभग 280.2 मीटर ऊंची है, जो पहले भारत की सबसे ऊंची इमारत हुआ करती थी, लेकिन अब यह सूची में चौथे स्थान पर खिसक गई है। वहीं, नोएडा की सुपरनोवा स्पाइरा (300 मीटर) उत्तर भारत की सबसे ऊंची इमारत है, जो मुंबई के इन टावरों को कड़ी टक्कर देती है।

पैलेस रॉयल (Palais Royale) – मुंबई – लगभग 320 मीटर

लोखंडवाला मिनर्वा (Lokhandwala Minerva) – मुंबई – 301 मीटर।

पिरामल अरन्या – आरव (Piramal Aranya – Arav) – मुंबई- 282 मीटर।

(नोट: कई अन्य प्रोजेक्ट्स जैसे ‘पैलेस रॉयल’ निर्माणाधीन हैं जिनकी ऊंचाई प्रस्तावित रूप से अधिक है, लेकिन वर्तमान में ‘वर्ल्ड वन’ सबसे प्रमुख है। )

गुरुग्राम का यह नया प्रोजेक्ट न केवल भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत को दिखाएगा, बल्कि यह दुबई और शंघाई जैसे शहरों को सीधी टक्कर देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। यदि सरकार को एविएशन विभाग से हरी झंडी मिल जाती है, तो आने वाले कुछ वर्षों में भारत का स्काईलाइन पूरी तरह बदल जाएगा।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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